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कथेसर : अंक 1
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ओ अंक छपी प्रति में ई मिलै₹100- अंक
- 1
- बगत
- जनवरी–मार्च 2012
- रूप
- डिजिटल
- भासा
- राजस्थानी
- ISSN
- 2348-9251
- प्रकासण
- अगस्त 2020
- संपादक
- रामस्वरूप किसान, डॉ. सत्यनारायण सोनी
जनवरी–मार्च 2012 में छप्यो ओ अंक कथेसर री जातरा रो पैलो पगल्यो है। इणमें डॉ. मदनगोपाल लढ़ा, दिनेश पांचाल, श्याम जांगिड़, बी.एल. माली 'अशांत', प्रहलाद श्रीमाली अर पुष्पलता कश्यप री कहाणियां है। गुलजार री उर्दू कहाणी 'रावी पार' रो उल्थो, डॉ. आईदानसिंह भाटी री कवितावां, डॉ. अर्जुनदेव चारण रो चन्द्रसिंह री कविता माथै आलोचना-लेख अर भंवरसिंह सामौर रो लोकरंग 'बिरखा थारा कितरा नांम' इण अंक नै खास बणावै।

रामस्वरूप किसान
संपादक
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
रामस्वरूप किसान री दूजी पोथ्यां →
डॉ. सत्यनारायण सोनी
संपादक
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
डॉ. सत्यनारायण सोनी री दूजी पोथ्यां →
- संपादकीय : रामस्वरूप किसानरामस्वरूप किसान3
- च्यानण पखडॉ. मदनगोपाल लढ़ा5
- अगनदानदिनेश पांचाल10
- तीजी जूणश्याम जांगिड़18
- चिड़ीमारबी.एल. माली 'अशांत'30
- इलाज री दुकानप्रहलाद श्रीमाली33
- दीवानीपुष्पलता कश्यप39
- रावी पारगुलजार, उल्थो: असद अली 'असद'44
- बांग्ला वचनाम्रितमहेन्द्र नाथ गुप्त, उल्थो: मालचंद तिवाड़ी48
- डॉ. आईदानसिंह भाटी51
- 'बादळी' अर 'लू' रै मिस चन्द्रसिंह रौ कवि-उणियारौडॉ. अर्जुनदेव चारण55
- बिरखा थारा कितरा नांमभंवरसिंह सामौर62







