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कथेसर : अंक 48-49 — डॉ. नृसिंह राजपुरोहित जलमसती अंक

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अंक
48-49
बगत
जनवरी–जून 2024
रूप
डिजिटल · जलमसती अंक
भासा
राजस्थानी
ISSN
2348-9251
प्रकासण
फ़रवरी 2025
संपादक
रामस्वरूप किसान, डॉ. सत्यनारायण सोनी

जनवरी–जून 2024 रो ओ अंक कहाणीकार डॉ. नृसिंह राजपुरोहित री जलमसती नै समर्पित है। इणमें वांरो आत्मकथ्य 'म्हैं क्यूं लिखूं', वांरी तीन कहाणियां — 'उडीक', 'रातवासो' अर 'विदाई' — अर छगनलाल व्यास री ओळूं 'आपणा नृसिंहजी' है। चेतन स्वामी अर विनोद स्वामी री कहाणियां, डॉ. मदन सैनी री बाल कहाणी, प्रवीण सुथार री लघुकथावां अर च्यार कवियां री कवितावां ई इणमें है।