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कथेसर : अंक 14
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- 14
- बगत
- जुलाई–सितम्बर 2015
- रूप
- डिजिटल
- भासा
- राजस्थानी
- ISSN
- 2348-9251
- प्रकासण
- अगस्त 2020
- संपादक
- रामस्वरूप किसान, डॉ. सत्यनारायण सोनी
जुलाई–सितम्बर 2015 रै इण अंक में रामस्वरूप किसान रो संपादकीय 'नवो काव्य रूप' नवी कविता री बात करै। सीए. सुमेरसिंह शेखावत, संजू बिरट 'मुकाम' अर सैणी दान रतनू री कहाणियां, पेंटर भोजराज सोलंकी रो संस्मरण 'मालू काका', डॉ. जगदीश गिरी रो आलेख अर महाश्वेता देवी री रचना 'सपना देखण रो हक' रो नन्द भारद्वाज कृत उल्थो इणमें है।

रामस्वरूप किसान
संपादक
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
रामस्वरूप किसान री दूजी पोथ्यां →
डॉ. सत्यनारायण सोनी
संपादक
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
डॉ. सत्यनारायण सोनी री दूजी पोथ्यां →
- संपादकीय : नवो काव्य रूपरामस्वरूप किसान2
- पठेसर दीठ5
- घ्यारसीए. सुमेरसिंह शेखावत7
- कठ-पूतळीसंजू बिरट 'मुकाम'10
- बैरण बीनणीसैणी दान रतनू14
- मालू काकापेंटर भोजराज सोलंकी18
- मैगी विवाद रै मिस अेक जरूरी कविता माथै चर्चाडॉ. जगदीश गिरी54
- सपना देखण रो हकमूळ महाश्वेता देवी, उल्थो नन्द भारद्वाज61







