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राजस्थानी कहानी केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका

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कथेसर राजस्थानी कहानी की त्रैमासिक पत्रिका है। परलीका (नोहर) से छपती है और राजस्थानी भाषा की नई-पुरानी कहानियाँ, आलोचना और बातचीत पाठकों तक पहुँचाती है।

कथेसर : विजयदान देथा जलमसती अंक 58-59 का आवरण
कथेसर : विजयदान देथा जलमसती अंक 58-59₹90₹150
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कथेसर : विजयदान देथा जलमसती अंक 58-59

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  • समीक्षा

    भरखमा

    ‘भरखमा’ फगत तीन कहाणियां रो संग्रै। लंबी कहाणियां रो संग्रै राजस्थानी में पैली बार। आ लंबाई ई सायास कोनी अनायास…

  • लोकार्पण

    ‘भणाई रो मारग’ लोकार्पित

    युवा साहित्यकार डॉ. जितेंद्रकुमार सोनी (जिला कलेक्टर, नागौर) री किताब ‘भणाई रो मारग’ (शिक्षण- माध्यम माथै गांधी-विचार केन्द्रित) रो लाइव…

  • ख़बरें

    ‘कथेसर’ का मतलब

    ‘कथेसर’ रै इण मंच माथै आपरो घणै मान स्वागत है।अठै आप ‘कथेसर’ रा सदस्य बण सको। राजस्थानी किताबां बपरा सको।आज…

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