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डॉ. नृसिंह राजपुरोहित जलमसती अंक 48-49
डॉ. नृसिंह राजपुरोहित री साहित्यिक यात्रा अर योगदान नै समर्पित कथेसर रो विशेष जलमसती अंक 48-49
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Also available as a digital issue₹50- Issue
- 48-49
- Period
- जनवरी-जून 2024
- Pages
- 88
- Format
- Print · Centenary edition
- Language
- Rajasthani
- ISSN
- 2348-9251
- Published
- April 2024
- Editor
- Ramswaroop Kisan, Dr. Satyanarayan Soni
डॉ. नृसिंह राजपुरोहित जलमसती अंक
कथेसर रो ई जलमसती अंक डॉ. नृसिंह राजपुरोहित री साहित्यिक पहचान, रचनात्मक योगदान अर राजस्थानी साहित्य में उनरी भूमिका नै केंद्र में राखै है।
साहित्य प्रेमी, विद्यार्थी अर शोधार्थी पाठकां खातर ई विशेषांक एक उपयोगी साहित्यिक सामग्री है, जिण में एक रचनाकार री स्मृति अर साहित्यिक विरासत नै जाणण रो अवसर मिलै है।

Ramswaroop Kisan
Editor
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
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Dr. Satyanarayan Soni
Editor
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
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