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कथेसर : विजयदान देथा जलमसती अंक 58-59
विजयदान देथा री साहित्यिक विरासत नै समर्पित कथेसर रो खास जलमसती अंक, राजस्थानी कहानी संसार री एक जरूरी साहित्यिक प्रस्तुति।
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Also available as a digital issue₹50- Issue
- 58-59
- Period
- जुलाई-दिसंबर 2026
- Pages
- 120
- Format
- Print · Centenary edition
- Language
- Rajasthani
- ISSN
- 2348-9251
- Published
- August 2026
- Editor
- Ramswaroop Kisan, Dr. Satyanarayan Soni
- Managing editor
- Vinod Swami
- Legal advisor
- Vishnu Kumar Sharma
- Publisher
- Ajay Soni
विजयदान देथा जलमसती अंक 58–59
राजस्थानी साहित्य में विजयदान देथा रो योगदान अद्वितीय रह्यो है। कथेसर रो ई विशेष जलमसती अंक देथा री साहित्यिक विरासत, कहानी-कला अर राजस्थानी लोकजीवन सूं जुड़ी रचनात्मक दृष्टि नै केंद्र में राखै है।
ई अंक राजस्थानी कहानी अर लोक-साहित्य में रुचि राखण वाळा पाठकां खातर खास महत्व राखै है। देथा री साहित्यिक दुनिया नै जाणण, समझण अर याद करण खातर ई अंक एक संग्रहणीय प्रस्तुति है।

Ramswaroop Kisan
Editor
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
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Dr. Satyanarayan Soni
Editor
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
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