मुख्य सामग्री पर जाएँ
कथेसर : अंक 3 का आवरण
पृष्ठ 1 / 2
कथेसर : अंक 3 — मांयलो पानो 1

डिजिटल

कथेसर : अंक 3

₹50

भुगतान होते ही आपकी लाइब्रेरी में (PDF)

डिजिटल प्रति एक ही ली जा सकती है

व्हाट्सऐप से ऑर्डर करें
यह अंक छपी प्रति में भी उपलब्ध है₹100
साझा करें:
अंक
3
अवधि
जुलाई–सितम्बर 2012
रूप
डिजिटल
भाषा
राजस्थानी
ISSN
2348-9251
प्रकाशन
अगस्त 2020
संपादक
रामस्वरूप किसान, डॉ. सत्यनारायण सोनी

जुलाई–सितम्बर 2012 रो ओ अंक राजस्थानी गीतकार गजानन वर्मा अर पंजाबी कवि हरिभजन सिंह रैणू री यादां नै समर्पित है। इणमें 'रचनाधर्मिता रो मिजाज' संपादकीय, बी.एल. माली 'अशांत' रो निबंध 'कथा-दौड़', प्रमोद कुमार शर्मा, रीना मेनारिया अर रूपसिंह राजपुरी री कहाणियां, अेक गुजराती कहाणी रो उल्थो अर डॉ. रचना शेखावत री कवितावां है।