म्हैं अन्नदाता कोनी – कविता संग्रै – रामस्वरूप किसान

‘म्हैं अन्नदाता कोनी’ संग्रै उत्तर-आधुनिकता सूं धकै बधतो सूक्ष्म अर मनोवैज्ञानिक भावबोध नै प्रगट करै। किसान कनै बा दीठ है जकी मिनख रै ऊपरी खोळ नै भेदती थकी उणरै अंतर्मन तांई पूगै। संग्रै री कवितावां जीवन रा जका नवा-नवा, अबोट, अगम्य अर अज्ञेय कूणा-खचूणा सोध्या है, बै लाजवाब है। कविता रै मिस जीवन रै इण अनुसंधान में किसान रो वैज्ञानिक बेजां सफल रैयो है। किसान री कलम जीवन नै उणरी समग्रता में पकड़ै। अै कवितावां आज रै बाजार री नीत अर सर्वहारा नै भखण वाळी राजनीति रा पोत उघाड़ै, उणसूं मिनख नै सावचेत करै। -डाॅ. सत्यनारायण सोनी

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रणखार (कविता संग्रह) डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी Rankhar (Poems) By- Dr. Jitendra Kumar Soni

डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी की साहित्य अकादेमी नई दिल्ली के युवा पुरस्कार से सम्मानित राजस्थानी काव्य कृति का रामस्वरूप किसान द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद-
रणखार

120.00
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रणखार (राजस्थानी कविता संग्रह) डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी Rankhar (Poems) By- Dr. Jitendra Kumar Soni

डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी की साहित्य अकादेमी नई दिल्ली के युवा पुरस्कार से सम्मानित राजस्थानी काव्य कृति का रामस्वरूप किसान द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद-
रणखार

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राजस्थानी भासा रा तीन नवा कविता संग्रै

राजस्थानी भासा रा तीन नवा कविता संग्रै एक साथै बपराओ अर रिपिया 120 बचाओ। डॉ. अर्जुनदेव चारण रो ‘आप कठी

420.00
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संस्कृति री सनातन दीठ : साहित्य अकादेमी सूं पुरस्कृत प्रो. भंवरसिंह सामौर रो निबंध संग्रै

संस्कृति री सनातन दीठ : साहित्य अकादेमी सूं पुरस्कृत प्रो. भंवरसिंह सामौर रो निबंध संग्रै मोल : 200 ₹

200.00
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सींवां री पीड़ (उपन्यास) : मेजर रतन जांगिड़

सींवां री पीड़ (उपन्यास) मेजर रतन जांगिड़ मोल : 160 ₹

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