
डिजिटल
कथेसर : अंक 42
₹50
भुगतान होवतां ई थारी लाइब्रेरी में (PDF)
डिजिटल प्रति एक ई लेवणी पड़ै
- अंक
- 42
- बगत
- जुलाई–सितम्बर 2022
- रूप
- डिजिटल
- भासा
- राजस्थानी
- ISSN
- 2348-9251
- प्रकासण
- अगस्त 2022
- संपादक
- रामस्वरूप किसान, डॉ. सत्यनारायण सोनी
जुलाई–सितम्बर 2022 रै इण अंक में 'लेखक रो पैलो धरम' संपादकीय, एस.एस. पंवार री पांच अर राज सोनी री दोय कहाणियां है। बी.एल. पारस रो आत्मकथांस 'नीग्रो', विनोद स्वामी री 'जीपड़ी सूं रोचक जातरा', चैनसिंह परिहार नै आईदानसिंह भाटी री सरधांजळी, प्रहलाद राय पारीक, रामदास बरवाळी, थानेश्वर शर्मा अर सुनील कुमार री कवितावां अर च्यार पोथ्यां री परख इणमें है।

रामस्वरूप किसान
संपादक
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
रामस्वरूप किसान री दूजी पोथ्यां →
डॉ. सत्यनारायण सोनी
संपादक
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
डॉ. सत्यनारायण सोनी री दूजी पोथ्यां →
- संपादकीय : लेखक रो पैलो धरमरामस्वरूप किसान3
- पठेसर दीठ6
- पांच कहाणियांएस.एस. पंवार10
- दो कहाणियांराज सोनी26
- नीग्रोबी.एल. पारस31
- जीपड़ी सूं रोचक जातराविनोद स्वामी36
- आत्मीयता री छौळां रो नाम : चैनसिंह परिहारआईदानसिंह भाटी40
- छव कवितावांप्रहलाद राय पारीक44
- दूहा : बळत सूगली जेठ रीरामदास बरवाळी46
- लुगाई अर प्रीतथानेश्वर शर्मा48
- पांच कवितावांसुनील कुमार52
- कोविड-19 रो स्टिंग ऑपरेसनडॉ. मदन सैनी55
- जथारथ अर जूण री बातप्रहलाद राय पारीक59
- मिनखपणां री साखडॉ. रामरतन लटियाल61
- जुग-जथारथ रो सांचो चितरामडॉ. रामरतन लटियाल63







