
DigitalCentenary edition
कथेसर : अंक 58-59 — विजयदान देथा जलमसती अंक
₹50MRP ₹15067% off
You save ₹100
In your library as soon as you pay (PDF)
Digital copies are bought once
Also available in print₹90- Issue
- 58-59
- Period
- जुलाई–दिसम्बर 2026
- Format
- Digital · Centenary edition
- Language
- Rajasthani
- ISSN
- 2348-9251
- Published
- August 2026
- Editor
- Ramswaroop Kisan, Dr. Satyanarayan Soni
जुलाई–दिसम्बर 2026 रो ओ अंक राजस्थानी रा सिरै कथाकार विजयदान देथा 'बिज्जी' री जलमसती माथै छप्यो। इणमें बिज्जी री कहाणी 'दूजौ कबीर', वांरी जीवण-जात्रा अर सिरजण माथै डॉ. धनंजया अमरावत, कैलाश कबीर, डॉ. अर्जुनदेव चारण अर डॉ. जगदीश गिरी रा आलेख अर मणि कौल रो कागद है। रामस्वरूप किसान री कहाणी 'जलाल', नन्द भारद्वाज री बात-विगत, राजस्थानी पत्रकारिता रा सौ साल, ओ हेनरी री कहाणी रो उल्थो अर इकराम राजस्थानी री गजलां ई इणमें है।

Ramswaroop Kisan
Editor
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
More by Ramswaroop Kisan →
Dr. Satyanarayan Soni
Editor
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
More by Dr. Satyanarayan Soni →
- संपादकीय : अेक दूजौ कबीररामस्वरूप किसान3
- दूजौ कबीरविजयदान देथा6
- जीवण-जात्रा अर सिरजणडॉ. धनंजया अमरावत23
- सबदां रौ वायुमंडळकैलाश कबीर35
- सिरजण री सिरजणाडॉ. अर्जुनदेव चारण46
- अलेखूं हिटलर : आज रो जथारथडॉ. जगदीश गिरी60
- विजयदान देथा बावड़ेलाउल्थो राजदीप सिंह इन्दा67
- मणि कौल रौ कागदउल्थो राजेंद्र देथा69
- जलालरामस्वरूप किसान72
- चन्द्रसिंघ जी रै साथै फिरतां-घिरतांनन्द भारद्वाज81
- राजस्थानी पत्रकारिता री साख रा सौ सालडॉ. गजेसिंह राजपुरोहित92
- होळी पछै धाबळोबी एल पारस102
- छेहलो पत्तोओ हेनरी107
- गजलांइकराम राजस्थानी113
- मून धार ल्यो लोक की मिठास का गीतकार ने (दुर्गादान सिंह गौड़)अतुल कनक115







