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कथेसर : अंक 11 रो आवरण
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कथेसर : अंक 11 — मांयलो पानो 1

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कथेसर : अंक 11

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अंक
11
बगत
अक्टूबर–दिसम्बर 2014
रूप
डिजिटल
भासा
राजस्थानी
ISSN
2348-9251
प्रकासण
अगस्त 2020
संपादक
रामस्वरूप किसान, डॉ. सत्यनारायण सोनी

अक्टूबर–दिसम्बर 2014 रै इण अंक में श्यामसुंदर भारती अर राजेन्द्र जोशी री कहाणियां, रस्किन बाण्ड री कहाणी 'बखत बीतण रै साथै' रो उल्थो, राजेन्द्र शर्मा 'मुसाफिर' रो व्यंग्य अर बैजनाथ पंवार नै सरधांजळी है। लोकरंग में साशा ज़िनोव्येवा रो मांगणियार गायकां री गीत परम्परा माथै लेख अर मनुज देपावत रो गीत 'धोरां आळा देस जाग' ई इणमें है।