
DigitalCentenary edition
कथेसर : अंक 46-47 — अन्नाराम सुदामा जलमसती अंक
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- 46-47
- Period
- जुलाई–दिसम्बर 2023
- Format
- Digital · Centenary edition
- Language
- Rajasthani
- ISSN
- 2348-9251
- Published
- January 2024
- Editor
- Ramswaroop Kisan, Dr. Satyanarayan Soni
जुलाई–दिसम्बर 2023 रो ओ अंक राजस्थानी रा सिरै कथाकार अन्नाराम सुदामा री जलमसती माथै छप्यो। इणमें नंद भारद्वाज रो लेख 'सिरजण साख रा सौ बरस', अन्नाराम सुदामा सूं डॉ. अरुणा व्यास री खास बातचीत, डॉ. नीरज दइया री आलोचना अर सुदामा जी री कहाणी 'सुल्तान : नेकी रो सम्राट' है। चेतन स्वामी, मनीत बैनीवाल अर रामदास बरवाळी री कहाणियां, पंजाबी कहाणी रो उल्थो अर डॉ. राजेश कुमार व्यास री डायरी ई इणमें है।

Ramswaroop Kisan
Editor
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
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Dr. Satyanarayan Soni
Editor
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
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- संपादकीय : सिरजण रो मोलरामस्वरूप किसान3
- पठेसर-दीठ7
- सिरजण साख रा सौ बरसनंद भारद्वाज10
- अन्नाराम सुदामा सूं डॉ. अरुणा व्यास20
- कहाणीकार अन्नाराम सुदामाडॉ. नीरज दइया28
- सुल्तान : नेकी रो सम्राटअन्नाराम सुदामा36
- वचनां री गुमेजणचेतन स्वामी46
- अनोखो प्रेममनीत बैनीवाल56
- घरबिद री बातांरामदास बरवाळी60
- निरमलारेमन72
- म्हनै माफ कर दे म्हारी आलोचना!रामस्वरूप किसान78
- डायरी रा पानाडॉ. राजेश कुमार व्यास84
- जद बख्तियार खिलजी म्हारै गांव मांय आयग्योबी.एल. पारस89
- दोय गजलांभागीरथ सिंह भाग्य92
- बोध री कहाणियांचेतन स्वामी94







