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कथेसर (डिजिटल अंक 52—53)
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- 52-53
- Period
- जनवरी–जून 2025
- Format
- Digital
- Language
- Rajasthani
- ISSN
- 2348-9251
- Published
- July 2025
- Editor
- Ramswaroop Kisan, Dr. Satyanarayan Soni
जनवरी–जून 2025 रै इण अंक में रामस्वरूप किसान रो संपादकीय 'सबदां बंधी चीज', पाठकां री पठेसर दीठ, माणक तुलसीराम गौड़ री कहाणी 'नारेळ' अर मनोहर सिंह राठौड़ रो चितार 'घड़सी घड़ीसाज' है। बी एल पारस रो आत्मकथांस, प्रेमचंद गांधी रो आरक्षण माथै खास लेख, राम बक्ष जाट रो निबंध, डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित री अर्जुनदेव चारण री काव्य-साधना माथै आलोचना अर सपना वर्मा री कवितावां इणमें है।

Ramswaroop Kisan
Editor
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
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Dr. Satyanarayan Soni
Editor
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
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- संपादकीय : सबदां बंधी चीजरामस्वरूप किसान4
- राजस्थानी कहाणी रा जादूगरमेजर रतन जांगिड़5
- भाषा और रचना का एक ही ठिकानाइज़हार गंगानगरी8
- लेखकीय सामर्थ्य को सलामडॉ. शेर चंद11
- अेक कागद किसानजी रै नामप्रकाश मेघवाळ15
- नारेळमाणक तुलसीराम गौड़19
- घड़सी घड़ीसाजमनोहर सिंह राठौड़27
- छात उडगीबी एल पारस32
- आरक्षण : मतलब पांती में सूं पांतीप्रेमचंद गांधी36
- धरती धोरां रीराम बक्ष जाट41
- अर्जुनदेव चारण री काव्य-साधनाडॉ. गजेसिंह राजपुरोहित43
- कवितावांसपना वर्मा60
- भला मनख्यां की भली बातां, सेळभेळडॉ. मदन गोपाल लढ़ा62







