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कथेसर : अंक 54 — करणीदान बारहठ जलमसती अंक
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- 54
- Period
- जुलाई–सितम्बर 2025
- Format
- Digital · Centenary edition
- Language
- Rajasthani
- ISSN
- 2348-9251
- Published
- October 2025
- Editor
- Ramswaroop Kisan, Dr. Satyanarayan Soni
जुलाई–सितम्बर 2025 रो ओ अंक गांव री आत्मा नै पकड़णवाळा कथाकार करणीदान बारहठ री जलमसती माथै छप्यो। 'जादुई कलाकार' संपादकीय साथै इणमें वांरो आत्मकथ्य, वांरी कहाणियां 'लालटेण', 'दादी' अर 'थे बारै जाओ', डॉ. नीरज दइया अर डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित री आलोचना अर वांरी बाळ-कविता 'झिंडियो' है।

Ramswaroop Kisan
Editor
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
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Dr. Satyanarayan Soni
Editor
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
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- संपादकीय : जादुई कलाकाररामस्वरूप किसान3
- पठेसर दीठ5
- सरीर साथ दियो तो और लिखणो चावूंकरणीदान बारहठ18
- लालटेणकरणीदान बारहठ27
- दादीकरणीदान बारहठ32
- थे बारै जाओकरणीदान बारहठ37
- लोक-संवेदना रा कथाकार : करणीदान बारहठडॉ. नीरज दइया41
- मरूधरा री महक : करणीदान बारहठडॉ. गजेसिंह राजपुरोहित51
- झिंडियोकरणीदान बारहठ59
- तो अन्नदाता कुण?ज्योतिपुंज63







