
Digital
कथेसर : अंक 2
₹50
In your library as soon as you pay (PDF)
Digital copies are bought once
Also available in print₹100- Issue
- 2
- Period
- अप्रैल–जून 2012
- Format
- Digital
- Language
- Rajasthani
- ISSN
- 2348-9251
- Published
- August 2020
- Editor
- Ramswaroop Kisan, Dr. Satyanarayan Soni
अप्रैल–जून 2012 रै इण अंक में रामस्वरूप किसान रो संपादकीय 'कोई लिखारो क्यूं लिखै?' है। नवनीत पांडे, पेंटर भोजराज सोलंकी, उम्मेद धानिया अर श्रीभगवान सैनी री कहाणियां, 'बडेरां री कलम' में विजयदान देथा री 'मां', निशांत अर जितेन्द्र कुमार सोनी री कवितावां, मोहन आलोक रा 'अभनै रा किस्सा' अर डॉ. नीरज दइया री आलोचना इणमें बांचो।

Ramswaroop Kisan
Editor
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
More by Ramswaroop Kisan →
Dr. Satyanarayan Soni
Editor
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
More by Dr. Satyanarayan Soni →
- संपादकीय : कोई लिखारो क्यूं लिखै?रामस्वरूप किसान3
- पठेसर-दीठ5
- घुसपैठनवनीत पांडे17
- डरपेंटर भोजराज सोलंकी25
- हीणउम्मेद धानिया30
- तीरश्रीभगवान सैनी34
- मांविजयदांन देथा38
- दोय लघुकथावांअशोक जोशी 'क्रांत'41
- कवितावांनिशांत43
- कवितावांजितेन्द्र कुमार सोनी47
- सीपचंद्रसिंघ: संकलन ओम पुरोहित 'कागद'50
- अभनै रा किस्सामोहन आलोक52
- आधुनिक कहाणियां : संपादन रै नांव माथै फगत संचैडॉ. नीरज दइया57
- खबरां63







