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कथेसर : अंक 8-9
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- 8-9
- Period
- जनवरी–जून 2014
- Format
- Digital
- Language
- Rajasthani
- ISSN
- 2348-9251
- Published
- August 2020
- Editor
- Ramswaroop Kisan, Dr. Satyanarayan Soni
जनवरी–जून 2014 रै इण संयुक्तांक में 'कबीर री कल्ल' संपादकीय, बी.एल. माली 'अशांत' रो लेख 'राजस्थानी नाटक : लोक सूं रंगमंच तांई' अर कवि अंबिकादत्त सूं ओम नागर री बंतळ है। मनोज कुमार स्वामी, उम्मेद धानिया, सावित्री चौधरी अर प्रेमजी 'प्रेम' री कहाणियां साथै सुदामा, विजयदान देथा ('बातां तो बिज्जी तणी') अर ओंकार जी नै सरधांजळी इणमें है।

Ramswaroop Kisan
Editor
कथेसर रा संपादक। जलम 14 अगस्त 1952। ‘बारीक बात’ सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार (2019) अर ‘राती कणेर’ रै उल्थै सारू साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (2003)।
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Dr. Satyanarayan Soni
Editor
कथेसर रा संपादन सहयोगी। एम.ए. (हिंदी अर राजस्थानी), पीएच.डी. (महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर)। राजस्थानी कहाणीकार।
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- संपादकीय : कबीर री कल्लरामस्वरूप किसान3
- पठेसर दीठ7
- राजस्थानी नाटक : लोक सूं रंगमंच तांईबी.एल. माली 'अशांत'10
- कवि अंबिकादत्त सूं कवि ओम नागर री बंतळ19
- बोट फोरणो हैमनोज कुमार स्वामी24
- स्मारिकाउम्मेद धानिया27
- भाजमभाजसावित्री चौधरी33
- चर्चित कहाणी : खजानोप्रेमजी 'प्रेम'37
- राजेन्द्र शर्मा 'मुसाफिर'41
- कवि थूं है किण रै पख में?डॉ. आईदानसिंह भाटी44
- अभनै रा किस्सामोहन आलोक46
- सिरै सिरजक सुदामाडॉ. मदन सैनी47
- बातां तो बिज्जी तणीसत्यनारायण सोनी50
- जुझार हा ओंकार जीडॉ. गोरधनसिंह शेखावत54
- छप्पनियां हेला : दर्द भरया हेला57
- संवेदनावां सूं सराबोर : 'म्हारै पांती रा पाना'निशान्त58
- खुद री जुबान रो गीतडॉ. सत्यनारायण सोनी61







